मुंगेली PWD विभाग में देर रात तक आखिर किस काम का चल रहा खेल? समय-सीमा और कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल.....

Rupendra kumar ....

मुंगेली। लोक निर्माण विभाग (PWD) मुंगेली की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विभागीय कार्यालय में निर्धारित समय-सीमा के बाद भी देर रात तक गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आने पर अब यह सवाल उठने लगा है कि आखिर कार्यालय में रात-रात भर कौन-सा कार्य किया जा रहा है? क्या विभाग में कोई विशेष कार्य चल रहा है, या फिर समय-सीमा और कार्यालयीन व्यवस्था को नजरअंदाज किया जा रहा है?

ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर सवाल, रात के अंधेरे में होने वाले कार्यों की जांच की उठी मांग.......


आमतौर पर शासकीय कार्यालय निर्धारित समय के अनुसार संचालित होते हैं, लेकिन यदि किसी विभाग में देर रात तक लगातार काम हो रहा है, तो इसकी वजह और अधिकृत अनुमति की जानकारी सार्वजनिक होना जरूरी है। आखिर ऐसा कौन-सा जरूरी कार्य है, जिसके लिए कार्यालयीन समय के बाद भी गतिविधियां जारी रखनी पड़ रही हैं? क्या इसके पीछे कोई विशेष तकनीकी, निर्माण संबंधी या प्रशासनिक कारण है? इन सवालों का जवाब विभागीय अधिकारियों को देना चाहिए।

ठेकेदारों और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल



लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी चर्चा का विषय बन सकती है। यदि देर रात तक निर्माण कार्यों से संबंधित फाइलों, भुगतान, माप पुस्तिका (एमबी), बिलों या अन्य दस्तावेजों पर काम किया जा रहा है, तो उसकी प्रक्रिया और नियमों की जांच होनी चाहिए।

हालांकि, ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच मिलीभगत या किसी अनियमितता का आरोप बिना ठोस प्रमाण के साबित नहीं माना जा सकता। ऐसे में आवश्यक है कि विभागीय स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता की आशंका दूर हो।

रात के अंधेरे में आखिर क्या हो रहा है?


सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि कार्यालय में देर रात तक कार्य किया जा रहा है, तो उसकी आधिकारिक वजह क्या है? क्या इसके लिए सक्षम अधिकारी की अनुमति ली गई है? क्या कार्यालयीन उपस्थिति, कार्य की प्रकृति और संबंधित रिकॉर्ड का संधारण नियमानुसार किया जा रहा है?

यदि मामला निर्माण कार्यों से संबंधित है, तो यह भी जांच का विषय है कि कहीं रात के समय किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और निगरानी व्यवस्था से समझौता तो नहीं हो रहा। सार्वजनिक धन से होने वाले निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए।

जिम्मेदार कौन? उच्च अधिकारियों से जांच की मांग

इस पूरे मामले में जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कार्यालय के निर्धारित समय, देर रात तक काम किए जाने के कारण, संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति तथा आवश्यक अनुमतियों की जांच की जानी चाहिए।

यदि जांच में कोई नियम विरुद्ध कार्य, वित्तीय अनियमितता या पद का दुरुपयोग सामने आता है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

अब सवाल सीधे विभागीय जवाबदेही का है—मुंगेली PWD कार्यालय में देर रात तक काम करने की नौबत क्यों आ रही है? क्या यह वास्तव में जनहित में किया जा रहा कार्य है या विभागीय व्यवस्था में किसी सुधार की आवश्यकता है?

इन सवालों पर लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है। जनता को जवाब चाहिए और विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

नोट: इस खबर में उठाए गए सवालों की निष्पक्ष पुष्टि के लिए विभागीय अधिकारियों का पक्ष, कार्यालयीन समय-सारणी, उपस्थिति रिकॉर्ड और संबंधित कार्यों की अनुमति की जानकारी लेना आवश्यक है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

छोटे गांव से बड़ी जीत: लीलापुर के धर्मेंद्र यादव बने अधिवक्ता, मुंशी से वकील तक का प्रेरक सफर......।

मुंगेली जिला के ग्राम गुना से गरिमा टंडन ने कक्षा 12 वीं बायो में 91 % अंक अर्जित साथ ही प्रदेश और मुंगेली जिला का बढ़ाया मान.......

मुंगेली जिले में चोरी, मारपीट और अपहरण का आरोप — 15 दिन बाद भी लापता महिला को लालपुर पुलिस खोज नहीं पाई......।