केंद्रीय गोंड महासभा मुंगेली एवम सर्व आदिवासी समाज, जिला- मुंगेली छत्तीसगढ़ के तत्वधान में आदिवासी समाज का जन सैलाब......।
Rupendra kumar
मुंगेली // जिले में आदिवासी समाज के द्वारा जिला मुख्यालय मुंगेली में जिला स्तरीय प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी सौहार्द्रपूर्वक विश्व आदिवासी मूल निवासी दिवस मनाया गया आदिवासी समाज द्वारा यह कार्यक्रम स्थान *कृषि उपज मंडी प्रांगण मुंगेली* जिला मुंगेली में मनाया गया, इस कार्यक्रम की शुरुआत 10:30 बजे समाज के लोगों ने अपने ईष्ट देव बुढ़ादेव सुमिरन गोंगो के साथ किया, प्रातः 11:30 बजे नगर भ्रमण के लिए बाइक रैली डी.जे. के साथ निकाली गई, रैली मंडी परिसर से नगर भ्रमण करते हुए बस स्टैंड होते हुए, गढ़ मंडला की रानी वीरांगना रानी दुर्गावती चौक (नवागढ़ रोड) स्टेडियम के पास पहुंचा, वहां पर समाज प्रमुखों ने शासन -प्रशासन की मौजूदगी पर इस स्थान पर वीरांगना रानी दुर्गावती की पूजा अर्चना कर उनके नाम से बोर्ड की स्थापना किया गया, इसीक्रम में रैली रायपुर रोड सोनकर फ्यूल्स बाईपास में इस चौक पर *धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी* की पूजा अर्चना किया, वहां पर उनके नाम से चौक का नामकरण कर बोर्ड स्थापना किया गया, फिर बाइक रैली वापस पुराना मंडी से जिला अस्पताल से रामगढ़ होते हुए दाउपारा चौक से पुराना बस स्टैंड होते हुए, वापस मंडी प्रांगण कार्यक्रम स्थल में पहुंचे। इस रैली में आदिवासी समाज के समस्त युवा वर्गों का उत्साह देखने को मिला, जिला पदाधिकारी, कार्यकर्ता, मातृशक्ति, पितृशक्ति इस रैली मे शामिल हुए जिसमें लगभग 8 हजार की संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुई, इस तरह रैली से नगर की मुख्य/ प्रमुख मार्ग से होते हुए भ्रमण किए जिससे कई घंटो तक पुलिस एवम यातायात के सूझ बूझ से रैली का संचालन इनके सहयोग से शांति पूर्ण से हुआ, इस तरह की उत्सव और उमंग मुंगेली नगर में पहली बार देखने को मिला।
सौहार्द्र पूर्वक आदिवासी समाज ने मनाया जिला स्तरीय विश्व आदिवासी मूल निवासी दिवस समारोह.....
इस अवसर पर *सामाजिक अतिथि* का आगमन के पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुभारंभ हुआ, जिसमें बालिकाओं के द्वारा बस्तरिया गीत सरगुजा गीतों के साथ ही आदिवासी, सांस्कृतिक गीतों की झलक देखने को मिला, हमें इस कार्यक्रम में *विशिष्ट अतिथि* के रूप में *डॉ. आनंद मांझी सर* वरिष्ठ सर्जन - जिला चिकित्सालय मुंगेली द्वारा सामाजिक की विकट समस्या से अवगत कराया साथ ही सेवाभाव के संदर्भ में अपने समाज के लिए एक शिक्षित सामाजिकत्व का निर्माण कर, सभी क्षेत्र के बारे बताया, इन्होंने अपने संबोधन में एक नई चेतन की बात कही गई।
इसी क्रम में अतिथि आगमन दोपहर 3:00 बजे हुए नगर के प्रतिष्ठित *नगर पालिका परिषद मुंगेली* के अध्यक्ष *श्री रोहित शुक्ला जी* का आगमन हुआ इन्होंने अपनी वक्तव्य के माध्यम से समाज के भाईचारे के साथ इतनी भीड़ और कार्यक्रम रैली को देखते हुए उन्होंने समाज के एकता और अखंडता पर बात की, इस सफल आयोजन को देखते हुए आदिवासी समाज को उन्होंने नगर मुख्यालय में आदिवासी समाज को सामूदायिक मंगल भवन हेतू जमीन देने की घोषणा किया, इन्होंने विश्व आदिवासी मूल निवासी दिवस की बधाई देते हुए उन्होंने कहा नगर मुख्यालय में मेरे नगर पालिका अध्यक्ष होते हुए आदिवासी मूल निवासी समाज को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होने देंगे।
तत्पश्चात *अति विशिष्ट अतिथि* का आगमन हुआ, इस कार्यक्रम में मुंगेली विधायक *पुन्नूलाल मोहल्ले जी* ने अपनी भाषण में कहते हुए आदिवासी संस्कृति पर बात की तथा उन्होंने समाजहित में किए गए कार्य की अपनी घोषणाएं को बताईं उन्होंने पिछले वर्ष 9 अगस्त 2025 को विश्व आदिवासी मूल निवासी दिवस समारोह के अवसर पर ग्राम पंचायत खैरवार के लिए 9.57लाख रु., एवम ग्राम पंचायत जमकोर के लिए 9.57 लाख रु., आदिवासी सामुदायिक मंगल भवन के घोषणा को समाज को बताए, इसके बाद उन्होंने *वीरांगना रानी दुर्गावती* के लिए 3 माह पूर्व मुख्यमंत्री जी के घोषणा पर ध्यान देते हुए 25 लाख रु. की उनकी मूर्ति स्थापना हेतू राशि की घोषणा की थी, उनकी आदेश कॉपी समाज के *जिला अध्यक्ष* जिगेश्वर सिंह ध्रुव सर्व आदिवासी समाज जिला मुंगेली को प्रदान किया गया, विधायक मोहले जी ने अपने मद से इस वर्ष आदिवासी समाज को सामुदायिक मंगल भवन हेतु 10 लाख की घोषणा किया साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए 25 हजार रु. एवम कार्यक्रम आयोजक टीम को 25 हजार रु. देने की घोषणा किया कुल 10.50 लाख हजार रू. की घोषणा किया।
*मुख्य अतिथि* *तोखन साहू जी* केंद्रीय मंत्री का अचानक दिल्ली दौरे होने के कारण अचानक उनकी उपस्थित नही हुआ, किंतु अपने प्रतिनिधि के माध्यम से उन्होने समाज को आशीर्वाद व विश्व आदिवासी दिवस की बधाई देने के साथ ही उन्होने - 10 लाख रु. आदिवासी सामूदायिक भवन के लिए घोषणा किया।
*धरमलाल कौशिक* विधायक बिल्हा एवम पूर्व विधानसभा अध्यक्ष छ.ग. द्वारा समाज संबोधित करते हुए आदिवासी समाज की विकास, संस्कृति, आदिवासी कल्चर को आदिकाल से बताते हुए, वे आज नगरीय सभ्यता तक की बात को कहा सामाजिक सद्भाव से परिपूर्ण यह समाज की गौरववाली बात है, तथा अन्य समाज कहीं ना कहीं इस समाज से सीखते रहते हैं , आदिवासी समाज सीधे-साधे और ईमानदार होते हैं।
*लखन लाल साहू* पूर्व सांसद बिलासपुर ने कहा इस आदिवासी समाज की इनकी गौरवशाली इतिहास को बताते हुए कहा, समृद्धशाली, गौरवपूर्ण, और इस देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका रहा है।
*डॉ चंद्रशेखर सिंह* जी *प्रोफेसर* एवम (वरिष्ठ साहित्यकार) ने कहा आदिवासी समाज हर समाज में समाहित है सभी को भाईचारे के साथ नैतिक दृष्टिकोण से अपने विचारधारा सामाजिक सभ्यता और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से परिपूर्ण है, समाज के रीढ़ युवा पीढ़ी को कहा, समाज के नौजवान इसे लेकर आगे बढ़े, और गौरवशाली इतिहास रचे, समाज के बच्चे आज डॉक्टर प्रोफेसर, कलेक्टर, इंजीनियर अनेक क्षेत्रों में अग्रणी स्थान रखें, इन्होंने अपनी साहित्यिक अंदाज में कहा-- मैं मै नहीं, तू तू नहीं, तू मैं नही और मैं हम नहीं...?
केंद्रीय गोंड महासभा मुंगेली जिलाध्यक्ष *वीरेंद्र कुमार मरावी* ने कहा आदिवासी समाज की गौरव शहीद वीर नारायण सिंह को याद करते हुए छत्तीसगढ़ की गौरवशाली इतिहास पे बात किए, आदिवासी समाज के अमर शहीद हमेशा याद रहेगा, गढ़मंडला की रानी वीरांगना रानी दुर्गावती, बिरसा मुंडा, शंकर शाह, रघुनाथ शाह, गुंडाधुर जैसे अनेकों शहीदों ने देश की आजादी के लिए अपना बलिदान दिया, आज आदिवासी समाज की हक और अधिकार के लिए अपने प्राण त्याग दिए, ऐसे वीर सपूतों को नमन उन्होंने किया।
*जिगेश्वर सिंह ध्रुव* - जिलाध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज मुंगेली के ने कहा आदिवासी एक जंगल में रहने वाला अब भी रहा, उन्होंने कहा अब आदिवासी समाज अपनी मेहनत से, संघर्ष से, अपनी काबिलियत के बदौलत अपने हक और अधिकार के लिए लड़ने वाला एक योद्धा है, आज के इस कार्यक्रम में हमारी वृहद जनसंख्या बताती है कि यह 15 हजार की आदिवासी समाज की जनसंख्या विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर इस समाज की जन सैलाब ने साबित ही कर दिया कि आदिवासी समाज वही तक सीमित नहीं है, अब समाज शोषित नहीं होंगे, उन्होने डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए कहते हैं कि *"शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो इसे पियेगा वही दहाड़ेगा"* इसने आगे कहा संवैधानिक अधिकार को लेकर रहेंगे, निश्चित तौर पर युवा वर्ग सामाजिक एकता की दिशा पर बडी भूमिका निभाएगा। इन्होंने शिक्षा, सामाजिक व्यवस्था और संवैधानिक अधिकार पर राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और आदिवासी समाज के जितने भी मंत्री हैं उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से इतनी बड़ी पर्व पर शुभकामनाएं संदेश प्रेषित नहीं किया है , तो उन्होंने यह कहा यह समाज के लिए बड़ी दुर्भाग्य की बात है, निश्चित तौर पर आने वाले समय में समाज इसका परिणाम और एकता अखंडता से समयानुसार हर परिस्थितियो का सामना करने के लिए समाज अग्रणी रहेगा।
*आदिवासी समाज ने अपनी मांग रखी*
1. राष्ट्रीय स्तर पर 9 अगस्त विश्व आदिवासी मूल निवासी दिवस को शासकीय अवकाश घोषित करने के लिए।
2. आदिवासी समाज के नाम से फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी कर रहे उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच के लिए।
3. आदिवासी पोस्ट- मैट्रिक छात्रावास बालक/ बालिका, जिला मुख्यालय मुंगेली में खोलने के लिए।
इस अवसर पर बच्चों ने अपने सांस्कृतिक कार्यक्रम में समा बांधा आदिवासी समाज द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम पुरस्कार वितरण किया गया, जिसमें बच्चों को पुरस्कार स्वरूप प्रशस्ति पत्र व मेडल से सम्मानित किया गया, साथ ही प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को कक्षा दसवीं में व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को 75% से अधिक अंक पाने वाले छात्रों को सम्मान स्वरूप प्रशस्ति पत्र व मेंडल से सम्मानित किया, और समाज में नव पदस्थ शासकीय सेवक जो इस वर्ष नियुक्त हुए हैं पुलिस, डॉक्टर,सीजीपीएससी, व्यापम, इत्यादि परीक्षाओं में ऐसे लोगों को समाज ने प्रशस्ति पत्र व मेडल देकर सम्मान किया। इसी कड़ी में सभी वर्ग के अधिकारी कर्मचारियों का सम्मान किया गया, एवम साथ ही सामाजिक क्षेत्र में निरंतर कार्य करने वाले पदाधिकारी /युवाओं को सम्मान प्रशस्ति पत्र व मेडल देकर सहस्त्र पूर्वक अभिवादन किया।
इस अवसर पर आदिवासी समाज के वरिष्ठजन सुरेश सोरी - प्रदेश सचिव, , हरीश मंडावी - प्रदेश प्रवक्ता, नाथूराम ध्रुव प्रांतीय सदस्य, अकत ध्रुव जिला - अध्यक्ष अ.ज.जा शा. से. स मुंगेली, उत्तम कुमार ध्रुव - महासचिव, लेख राम नेताम - जिला सचिव, धर्मेंद्र मरकाम- ब्लॉक अध्यक्ष लोरमी, भगवान सिंह मंडावी- ब्लॉक अध्यक्ष मुंगेली, भक्तु राम- ब्लॉक अध्यक्ष पथरिया, भागबली ध्रुव, रामू लाल श्याम, बलदेव मंडावी, घनश्याम सिंह मरकाम (पूर्व जमींदार कंतेली), तुलसीराम ध्रुव, रोहित ध्रुव, अजय मरकाम, युगल नेताम, गजाधर नेताम, शिव शंकर पोर्ते, छत्रपाल ध्रुव, बलदाऊ ध्रुव, आदित्य ध्रुव सभापति जनपद लोरमी, दिनेशू जगत, मानिक मंडल ध्रुव, मनहरण पोर्ते, प्रेम सागर ध्रुव, गनेश्वर ध्रुव, राजू मरकाम, सनत ध्रुव, कीर्तन ध्रुव, रामेश्वर ध्रुव, गिरीश ध्रुव, नोहर केसर, गनेशू मरकाम, सूरज मरकाम, रूपसिंह ध्रुव, अरुण जगत, अरूण ध्रुव, जीवन मरावी, सहित इत्यादि सामाजिक/ जिला ब्लाक/ चक पदाधिकारी/ कार्यकर्तागण/मातृशक्ति पितृशक्ति एवं युवा शक्ति की उपस्थिति इस विश्व आदिवासी मूल निवासी दिवस समारोह में जिला मुंगेली में एक नई सोच के साथ क्रांति स्थापित किया।



टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें